
नरेन्द्रनगर वन प्रभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में यथा गंगा तट, पर्यटन स्थलों, वन मार्गों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान प्लास्टिक कचरा, पॉलीथीन, बोतलें तथा अन्य अपशिष्ट सामग्री का संग्रहण कर उनका सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। मुनिकीरेती क्षेत्र के अन्तर्गत आरक्षित वन से 1 टन कूड़ा एकत्र कर नगर पालिका, मुनिकीरेती के कूड़ा निस्तारण केन्द्र में भेजा गया।
स्वच्छता अभियान के उपरांत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत स्थानीय जलवायु एवं पारिस्थितिकी के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प भी लिया। वन विभाग द्वारा यह संदेश दिया गया कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है ताकि भविष्य में ये पौधे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर दिगांथ नायक, प्रभागीय वनाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारे दायित्वों को स्मरण करने का अवसर है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के क्षरण, वनाग्नि, प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियाँ वैश्विक चिंता का विषय हैं। इन चुनौतियों का समाधान जनसहभागिता एवं सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे उपाय अपनाए, जैसे वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग तथा स्वच्छता का पालन, तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को वनों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की। साथ ही युवाओं एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।।

शिवपुरी वन क्षेत्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ किया गया।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें, लगाए गए पौधों की देखभाल करें, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में सहयोग दें तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएँ, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं समृद्ध पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर अनिल पैन्यूली, उप प्रभागीय वनाधिकारी, देवप्रयाग, किशोर नौटियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी, नरेन्द्रनगर, विवेक जोशी, वन क्षेत्राधिकारी शिवपुरी एवं वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों के साथ विभिन्न वन पंचायतों के सरपंच एवं स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
