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देहरादून। सोल क्षेत्र के मध्य स्थित ऐतिहासिक सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र को पुनः पूर्ण रूप से संचालित किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को विधायक प्रतिनिधि मोहन सिंह रावत ‘सोलवासी’ तथा शिक्षाविद्, बहुभाषाविद् एवं समाजसेवी धर्म सिंह फरस्वाण ने थराली विधानसभा के  विधायक  भोपाल राम टम्टा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 1960 से पूर्व स्थापित यह पशुपालन केन्द्र सोल क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों एवं अनेक राजस्व ग्रामों के पशुपालक एवं कृषक परिवारों की जीवनरेखा रहा है। यह केन्द्र लंबे समय तक क्षेत्र में पशुधन विकास, नस्ल सुधार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रमुख आधार रहा है।

ज्ञापन के अनुसार केन्द्र में संचालित मेढ़ा प्रजनन केन्द्र के माध्यम से बकरी पालकों को उच्च नस्ल के मेढ़े उपलब्ध कराए जाते थे, जिससे बकरियों की नस्ल में सुधार, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता था। वहीं केन्द्र में स्थापित सांड एवं भैंसा गृह में उच्च नस्ल के सांड और भैंसे उपलब्ध रहते थे, जिससे गाय एवं भैंसों के वैज्ञानिक प्रजनन की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिलती थी और पशुधन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होता था।

इसके अतिरिक्त केन्द्र में नियुक्त पशुधन सहायक पशुओं के टीकाकरण, उपचार, रोग नियंत्रण, कृत्रिम गर्भाधान, दवाइयों की उपलब्धता तथा पशुपालन संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते थे। इससे पशुओं में होने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रहता था, पशु मृत्यु दर कम होती थी और किसानों को समय पर आवश्यक सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो जाती थीं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विगत 10–12 वर्षों से इस केन्द्र में न तो कोई कर्मचारी तैनात है और न ही उच्च नस्ल के पशु उपलब्ध हैं। विभाग के भवन, भूमि एवं अन्य आधारभूत संसाधन होने के बावजूद केन्द्र उपेक्षा का शिकार होकर वीरान पड़ा है, जिससे क्षेत्र के हजारों पशुपालक परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

धर्म सिंह फरस्वाण ने कहा कि यदि सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाता है तो इससे पशुधन की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, बकरी एवं डेयरी पालन को बढ़ावा, पशु रोगों की रोकथाम, किसानों की आय में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर, पलायन में कमी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य सरकार की पशुपालन, डेयरी विकास और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं को भी प्रभावी गति मिलेगी।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विधायक  भोपाल राम टम्टा ने आश्वासन दिया कि इस महत्वपूर्ण जनहित के विषय को प्राथमिकता के आधार पर  पशुपालन मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा तथा सोल डुंग्री पशुपालन केन्द्र को शीघ्र पुनः संचालित कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। क्षेत्रवासियों ने भी सरकार से इस ऐतिहासिक एवं अत्यंत उपयोगी पशुपालन केन्द्र को पुनर्जीवित कर ग्रामीण पशुपालकों और कृषकों के हित में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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