कर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों को बढ़ाने के साथ ही जल की गुणत्ता पर भी विशेश ध्यान दिया जाये ताकि वर्तमान तथा भविश्य की पीढ़ी के लिए गुणत्तायुक्त जल उपलब्ध रहे। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य करते समय इस बात पर विशेश ध्यान दिया जाये कि भूमिगत जल में किसी भी प्रकार की अशुद्धियां विशेशक ग्रे वाटर, लेड आदि न पहुॅच पाये। उन्होंने तालाब संरक्षण एवं संवर्धन हेतु साइंटिफिक कार्य योजना बनाने के सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि समय से कार्य

योजनाएं बनाने के साथ ही उन पर अमल करते हुए कार्य किया जाये ताकि आगामी मानसून सीजन में तालाबों में वर्षा का जल संग्रण किया जा सके। उन्होंने ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी खण्ड विकास अधिकारी को दिये। उन्होंने राजस्व तथा ग्राम्य विकास विभाग से सम्बन्धित सूचनाएं निर्धारित प्रारूप पर शीघ्रता से उपलब्ध कराने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दियें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने निर्देशित करते हुए कहा कि यथार्थवादी कार्य योजना बनाकर तैयार की जाये ताकि योजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की समस्या न हो। बैठक में सुधारीकरण हेतु आवश्यक आधारभूत जानकारियों, समस्याओं एवं चुनौतियों आदि के बारे में जानकारी देते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओ पर विस्तार से सुझाव दिये गए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, एसडीओ राजाजी टाइगर रिजर्व अजय लिंगवाल, सहायक निदेशक मत्स्य गरिमा मिश्रा, बीडीओ मानस मित्तल, आलोक गार्गेय,जगेंद्र राणा,पवन सैनी,अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग विष्णु दत्त बेजवाल, आईसीआईसीआई बैंक से तरुण शर्मा आदि उपस्थित रहें।