देहरादून,– 5 अगस्त 2025 को धराली, उत्तरकाशी में आई भीषण प्राकृतिक आपदा से गहराई से व्यथित उत्तराखण्ड भारतीय वन सेवा (आईएफ़एस) एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि एसोसिएशन के सभी सदस्य स्वेच्छा से अपना एक दिन का वेतन माननीय मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान करेंगे।
“यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि आपदा-पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना और उत्तराखण्ड की अदम्य जन-शक्ति को श्रद्धांजलि है,” एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. समीर सिन्हा ने कहा।“राज्य के वनों और वन्यजीवों के संरक्षक होने के नाते, हम अपने लोगों के साथ उनकी कठिन घड़ी में खड़े रहने के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध हैं,” एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल लाल ने जोड़ा।
एसोसिएशन ने साहसी ग्रामीणों, केंद्रीय व राज्य अधिकारियों, सुरक्षा एवं पुलिस बल, वन बल, चिकित्सा टीमों, आपदा प्रबंधन कर्मियों और स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों को नमन किया, जो राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं।“इस गंभीर घड़ी में हमारी सेवा-भावना हमें राज्य के बहु-एजेंसी राहत प्रयासों में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रेरित करती है। हम मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में आशा, स्थिरता और आजीविका को पुनर्स्थापित करेंगे,” एसोसिएशन के महासचिव धर्म सिंह मीणा ने कहा।
यह पहल एसोसिएशन की मानवीय सेवा, पर्यावरण संरक्षण और उत्तराखण्ड के लोगों के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।