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चमोली एवं रुद्रप्रयाग जनपदों के लगभग 19,000 पूर्व सैनिकों तथा करीब 80,000 सैनिक परिवार जनों की लंबे समय से लंबित मांग—कालेश्वर में ECHS पॉलीक्लिनिक एवं दोनों जनपदों के लिए एक केंद्रीयकृत CSD कैंटीन की स्थापना हेतु भूमि उपलब्ध कराने—के समाधान की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण और आशाजनक पहल हुई।
इसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर चमोली एक्स-सर्विसमेन लीग के जिला अध्यक्ष कर्नल डी. एस. बर्त्वाल व शिक्षाविद, बहुभाषी लेखक, समाजसेवी  धर्म सिंह फर्स्वाण थराली के सोल घाटी निवासी निवासी के नेतृत्व में पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अपनी वर्षों पुरानी समस्या उनके समक्ष रखी। प्रतिनिधिमंडल ने भूमि हस्तांतरण में आ रही प्रशासनिक एवं तकनीकी अड़चनों से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया तथा कालेश्वर में उपलब्ध भूमि को पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के व्यापक हित में CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक के लिए निःशुल्क हस्तांतरित करने का अनुरोध किया। वर्तमान व्यवस्था के लिए उपयुक्त भवन उपलब्ध न होने के कारण पूर्व सैनिकों को लंबे समय तक किराये के भवन में सेवाएं लेनी पड़ीं। इसी बीच, 12 जून 2008 को तत्कालीन जिलाधिकारी चमोली  डी एस गबरियाल द्वारा लगभग 0.341 हेक्टेयर भूमि ECHS एवं CSD जैसी आवश्यक सैनिक कल्याण सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराई गई थी।

भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में वन विभाग, रक्षा संपदा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के स्तर पर विभिन्न औपचारिकताएं पूरी की गईं। वर्ष 2009 में भूमि हस्तांतरण के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हुई तथा जनवरी 2013 में वन विभाग को देय राशि के रूप में ₹52,320 का चेक भी जमा किया गया।

हालांकि, भूमि हस्तांतरण से संबंधित तत्कालीन सरकारी प्रावधानों एवं रक्षा विभाग की आपत्तियों के कारण यह प्रकरण आगे नहीं बढ़ सका। परिणामस्वरूप, लगभग 18 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पूर्व सैनिकों को अपनी आवश्यक सुविधाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व सैनिकों को दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थित कैंटीनों एवं चिकित्सा केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।
रुद्रप्रयाग स्थित CSD कैंटीन पर अतिरिक्त दबाव कम होगा।
बुजुर्ग पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को समय, धन और अनावश्यक यात्रा की बचत होगी।
भविष्य में आधुनिक भवन, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तथा व्यवस्थित कैंटीन संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
यह केवल एक भवन या कैंटीन की स्थापना का विषय नहीं है, बल्कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के सम्मान, सुविधा एवं कल्याण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जनहितकारी प्रयास है। हमें पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं संबंधित अधिकारियों के सहयोग से भूमि हस्तांतरण का यह प्रकरण शीघ्र समाधान की ओर बढ़ेगा और कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक की स्थापना का सपना साकार होगा।
यह पहल चमोली एवं रुद्रप्रयाग के पूर्व सैनिकों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव साबित हो सकती है।

 

 

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